Bharat 6G Alliance: भारत में लॉन्च हुआ 6जी अलायंस, हाई-स्पीड नेटवर्क में बड़ी ताकत बनेगा इंडिया
harat 6G Alliance Launched in India: भारत में 6जी इंटरनेट लॉन्च करने की दिशा में 6जी अलायंस की शुरुआत हो चुकी है. आज एक इवेंट में यूनियन आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने भारत 6जी अलयांस को लॉन्च किया. इस दौरान आईटी राज्य मंत्री देवूसिंह चौहान भी मौजूद रहे. 6जी डेवलपमेंट के साथ भारत हाई-स्पीड नेटवर्क की दुनिया में बड़ी ताकत के तौर पर उभरेगा. 6जी अलायंस के तहत अलग-अलग सेक्टर की ऑर्गेनाइजेशन सरकार के साथ मिलकर 6जी विजन डॉक्यूमेंट को साकार करने की दिशा में काम करेंगी.
फिलहाल, इंडिया में 5जी का काम तेजी से चल रहा है. आज हम उन देशों में शामिल हैं जहां सबसे तेजी के साथ 5जी की कवरेज दी जा रही है. इसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6जी विजन डॉक्यूमेंट पेश किया था. 6जी विजन के तहत इंडिया को 6जी कनेक्टिविटी का ग्लोबल लीडर बनाना है. इसके जरिए ना केवल इंडिया बल्कि दूसरे देशों में भी किफायती और तेज 6जी इंटरनेट उपलब्ध कराना शामिल है.
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6G अलायंस से ऐसे होगा फायदा
‘भारत 6जी अलायंस’ (B6GA), डॉमेस्टिक इंडस्ट्री, अकेडमिक इंस्टीट्यूशन, नेशनल सिसर्च इंस्टीट्यूशंस और सरकार से सहायता प्राप्त स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशंस का गठबंधन है. B6GA, 6जी विजन डॉक्यूमेंट और आगे के डेवलपमेंट के हिसाब से अपने काम करने की रूपरेखा तैयार करेगा.
इन पर रहेगा B6GA का फोकस
इंडिया में 5जी एडवांस्ड/6जी आईपी और जरूरी पेटेंट डेवलप करने में मदद करना
इंडियन 5जी एडवांस्ड/6G प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशन की डिजाइनिंग और मैन्यूफैक्चरिंग करना
3GPP/ITU में इंडियन पार्टिसिपेशन को सपोर्ट और बढ़ावा देना
इंडियन स्टार्टअप और कंपनियों को संगठित करना
इंडियन 5जी/6जी टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स के लिए बाजार तक पहुंच बनाना
समान विचारधारा वाले 6जी ग्लोबल अलायंस के साथ गठबंधन बनाना. PLI स्कीम से फायद
आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI Scheme) से देश को काफी फायदा हुआ है. इस स्कीम में शामिल टेक्नोलॉजी कंपनियों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. मैन्यूफैक्चरिंग करने के अलावा ये कंपनियां अमेरिका जैसे देशों में एक्सपोर्ट भी कर रही हैं.
इसके अलावा सेमी-कंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. एक अच्छे इकोसिस्टम के बिना सेमी-कंडक्टर की मैन्यूफैक्चरिंग मुमकिन नहीं है. इसलिए सरकार इस बात पर ध्यान दे रही है
